Hyphen Use in Fiction vs. Non-Fiction Writing
Hindi Explanation:
हाइफ़न का प्रयोग कहानी लेखन और गैर-कहानी लेखन में अलग-अलग होता है। कहानियों में, हाइफ़न का इस्तेमाल ज़्यादा रचनात्मक और भावनात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए किया जाता है। जैसे, एक नए शब्द को जोड़ने या एक शब्द को खंडित करके पाठक के मन में एक ख़ास भावना जगाने के लिए। गैर-कहानी लेखन, जैसे समाचार लेखन या शैक्षणिक लेखन में, हाइफ़न का प्रयोग अधिक व्यवस्थित और सटीक होता है। यह मुख्यतः संयुक्त शब्दों को स्पष्ट करने या वाक्यों को सुगम बनाने के लिए होता है। सरल शब्दों में, कहानियों में हाइफ़न रचनात्मकता को दर्शाता है, जबकि गैर-कहानी लेखन में यह स्पष्टता और सटीकता पर ज़ोर देता है। 2024 में भी ये नियम लागू हैं। छात्रों को हाइफ़न के इन दोनों प्रकार के प्रयोगों को समझना ज़रूरी है।
English Explanation:
The use of hyphens differs significantly between fictional and non-fictional writing. In fiction, hyphens are employed more creatively, often to enhance stylistic impact. This might involve creating compound words with nuanced meanings or fracturing words to evoke specific emotions within the reader. Non-fiction, such as news articles or academic papers, utilizes hyphens more systematically and precisely. Primarily, it's used to clarify compound words or improve sentence flow and readability. In short, hyphens in fiction serve creativity, while in non-fiction, they prioritize clarity and accuracy. These principles remain relevant in 2024. Students need to understand both applications of hyphens.
English | Hindi | Roman Hindi |
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Well-known | सुप्रसिद्ध | Suprasiddha |
Self-reliance | आत्मनिर्भरता | Aatmanirbharta |
Ex-student | पूर्व छात्र | Purva Chhatra |
Mother-in-law | सास | Saas |
One-third | एक तिहाई | Ek Tihaai |
Check-in | चेक-इन | Check-in |
Sixty-five | पैंसठ | Pansaṭh |
Re-read | पुनः पढ़ना | Punaḥ Paḍhnā |
Co-worker | सहकर्मी | Sahkarmee |
Long-awaited | बहुत प्रतीक्षित | Bahut Pratikṣita |